Kollam Hit-and-Run Case — Chapter 5

अध्याय 5
जब सड़क दुर्घटना की कहानी टूटने लगी
पप्पाचंद की मृत्यु के बाद भी कथित योजना कुछ समय तक सफल होती दिखाई दी।
सरिता अगले दिन ऑफिस पहुंचीं।
कथित रूप से उन्होंने अपने सहकर्मियों के सामने पप्पाचंद की मौत पर दुख जताया और कहा कि उन्होंने सुबह अखबार में दुर्घटना की खबर पढ़ी।
माहिन अंतिम संस्कार में भी पहुंचा।
फूल लेकर।
भीड़ में शामिल होकर।
मानो वह सिर्फ एक सामान्य व्यक्ति हो जो एक दुखद घटना में शोक व्यक्त करने आया हो।
उधर एनीमोन और हाशिफ कोच्चि चले गए।
शायद उन्हें लगा था कि कहानी खत्म हो चुकी है।
लेकिन अपराध की दुनिया में सबसे खतरनाक गलती अक्सर यही होती है—
यह मान लेना कि कोई सबूत पीछे नहीं छूटा।
कथित हत्यारों के सामने अब एक नई समस्या थी।
सरिता।
वह इस राज को छिपाए रखना चाहती थीं।
और जांच के अनुसार, इसी मजबूरी का फायदा उठाकर एनीमोन और उसके साथियों ने कथित रूप से उन्हें ब्लैकमेल करना शुरू किया।
पहले जो रकम कुछ लाख रुपये में तय हुई थी, वह बढ़ती गई।
कोल्लम बीच पर कथित मुलाकातें हुईं।
पैसों की मांग बढ़ी।
सरिता से लगभग ₹18 लाख लिए जाने की बात जांच में सामने आई।
हाशिफ ने भी कथित रूप से अपनी चुप्पी के बदले अलग रकम ली।
एक हत्या के बाद अब एक दूसरा अपराध शुरू हो चुका था—
ब्लैकमेल।
लेकिन पुलिस भी अब पीछे नहीं थी।
जांचकर्ताओं के हाथ में धीरे-धीरे कई कड़ियां जुड़ रही थीं।
एक नीली Wagon R।
100 से अधिक CCTV फुटेज।
वाहन का registration।
एनीमोन।
उसकी criminal history।
उसका बदलता SIM।
उसकी call history।
सरिता से लगातार संपर्क।
और financial transactions।
हर सुराग अलग-अलग देखने पर छोटा लगता था।
लेकिन जब उन्हें एक साथ रखा गया—
तो तस्वीर बदल गई।
अब पुलिस के सामने सिर्फ एक सड़क दुर्घटना नहीं थी।
एक financial motive था।
एक कथित fraud था।
एक victim था जिसने गड़बड़ी पर सवाल उठाए थे।
एक bank official थी जिस पर दबाव था।
कुछ ऐसे लोग थे जिनका आपराधिक रिकॉर्ड सामने आया।
एक vehicle था।
और सबसे महत्वपूर्ण—
इन सबके बीच communication की एक chain थी।
पुलिस ने लगभग दो महीने से ज्यादा समय तक जांच की।
एक-एक कड़ी जोड़ी गई।
और अंततः जांच उस बिंदु पर पहुंची जहां कथित contract killing की पूरी योजना सामने आने लगी।
8 अगस्त 2024।
केरल पुलिस ने सरिता और अनूप के साथ एनीमोन, हाशिफ अली और माहिन को गिरफ्तार किया।
एक ऐसी कहानी, जिसे शुरू में hit-and-run माना गया था—
अब कथित contract killing बन चुकी थी।
लेकिन कहानी का एक और अध्याय बाकी था।
क्योंकि गिरफ्तारी अंत नहीं होती।
उसके बाद आता है—
कानून।
और अदालत में हर कहानी को सबूतों की कसौटी पर गुजरना पड़ता है।
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