Kollam Hit-and-Run Case — Chapter 4

अध्याय 4 – हादसा बनाने की योजना
16 और 17 मई 2024 के बीच सरिता की मुलाकात एनीमोन से हुई।
पुलिस की जांच के अनुसार, इसके बाद अनूप को भी इस कथित योजना में शामिल किया गया।
लेकिन कथित हत्यारों को पूरी सच्चाई नहीं बताई गई।
उन्हें बताया गया कि मामला पारिवारिक संपत्ति के विवाद से जुड़ा है।
अनूप को पप्पाचंद का बेटा बताया गया।
योजना का उद्देश्य साफ था—
मौत हो, लेकिन हत्या दिखाई न दे।
एक सड़क दुर्घटना।
एक hit-and-run।
और उसके बाद मामला खत्म।
कथित तौर पर सौदा तय हुआ और advance payment दी गई।
योजना को एक code name भी दिया गया।
पहली कोशिश 20 मई को की गई।
ऑटो रिक्शा का इस्तेमाल होना था।
लेकिन मौसम ने योजना बिगाड़ दी।
तेज बारिश के कारण प्रयास असफल रहा।
21 मई।
फिर कोशिश।
22 मई।
फिर कोशिश।
लेकिन हर बार कोई न कोई बाधा सामने आ गई।
अब दबाव बढ़ने लगा।
सरिता कथित रूप से एनीमोन पर काम पूरा करने के लिए दबाव डाल रही थीं।
समय निकल रहा था।
और पप्पाचंद को शायद इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि उनकी रोजमर्रा की जिंदगी के पीछे कोई उन्हें खत्म करने की योजना बना रहा है।
फिर आई—
23 मई 2024।
आखिरी योजना तैयार थी।
इस बार पप्पाचंद को घर से बाहर बुलाने की जिम्मेदारी अनूप की थी।
बहाना था—
सरिता के साथ बैठकर विवाद सुलझाना।
पप्पाचंद ने उस पर भरोसा किया।
वह अपनी साइकिल पर घर से निकल पड़े।
उनके लिए यह एक सामान्य मुलाकात थी।
लेकिन पुलिस के अनुसार, दूसरी तरफ सब कुछ पहले से तय था।
स्थान चुना गया था।
वाहन तैयार था।
लोग अपनी जगह पर थे।
और संकेत का इंतजार हो रहा था।
जैसे ही पप्पाचंद उस इलाके में पहुंचे, कथित रूप से अनूप ने संकेत दिया।
एक बाइक वहां से निकलती दिखाई दी।
फिर कुछ ही देर बाद—
नीली Wagon R।
और उसके बाद वह क्षण आया जिसने पूरे मामले को हमेशा के लिए बदल दिया।
कार ने पप्पाचंद को टक्कर मारी।
वह सड़क पर गिर पड़े।
लेकिन वाहन नहीं रुका।
वह आगे बढ़ गया।
और CCTV में कैद उस दृश्य ने बाद में जांचकर्ताओं को यह सोचने पर मजबूर किया कि यह महज accident नहीं था।
लेकिन कथित योजना का एक और हिस्सा भी था।
क्योंकि अगर लोग घायल व्यक्ति को तुरंत अस्पताल ले जाते—
तो शायद वह बच सकते थे।
इसलिए पुलिस के अनुसार, घटनास्थल से कुछ दूरी पर एक ऑटो रिक्शा मौजूद था।
उसमें कथित रूप से माहिन था।
टक्कर के बाद वह भीड़ का हिस्सा बन गया।
लेकिन जब लोगों ने घायल पप्पाचंद को अस्पताल ले जाने की कोशिश की, तो कथित रूप से उसने मदद करने से इनकार किया।
उसने कहा कि emergency number पर फोन किया जा चुका है।
Ambulance आने वाली है।
लेकिन पुलिस की जांच के अनुसार, emergency assistance में जानबूझकर देरी की गई।
और यही देरी—
शायद पूरी साजिश का अंतिम हिस्सा थी।
अगले दिन अस्पताल में पप्पाचंद ने दम तोड़ दिया।
जिस मौत को एक सड़क दुर्घटना दिखाने की कोशिश की गई थी—
वह अब एक कथित planned killing में बदल चुकी थी।
लेकिन उस समय तक दुनिया को इसकी जानकारी नहीं थी।
और सबसे बड़ा रहस्य अभी बाकी था।
क्योंकि जिस व्यक्ति की हत्या हुई थी—
उसकी बेटी जल्द ही उन सवालों को लेकर पुलिस के दरवाजे पर पहुंचने वाली थी, जिन्हें अपराधियों ने शायद कभी सोचा ही नहीं था।

