Kollam Hit-and-Run Case — Chapter 2
एक बेटी के मन में उठा सवाल।
रेचल ने अपने पिता के वित्तीय रिकॉर्ड खंगालने शुरू किए तो एक के बाद एक सवाल सामने आने लगे।
सबसे पहले सामने आया—लोन।
पप्पाचंद के नाम पर कर्ज था।
यह बात अपने आप में असामान्य थी।
जिस व्यक्ति ने अपनी जिंदगी बचत और निवेश के भरोसे बनाई थी, उसे अचानक लोन लेने की जरूरत क्यों पड़ी?
फिर सामने आया दूसरा सवाल।
मौत से कुछ समय पहले पप्पाचंद ने अपने स्टॉक मार्केट निवेश का एक बड़ा हिस्सा बेच दिया था।
यह उनके स्वभाव के बिल्कुल विपरीत दिखाई दे रहा था।
क्यों?
क्या उन्हें अचानक पैसों की जरूरत पड़ी थी?
अगर नहीं, तो उन्होंने अपनी investments क्यों बेचीं?
रेचल ने रिकॉर्ड्स को और गहराई से देखना शुरू किया।
पप्पाचंद को लगभग ₹80,000 की मासिक पेंशन मिलती थी। उनके पास लगभग ₹1 करोड़ का Fixed Deposit भी बताया गया।
फिर कुछ और लेन-देन सामने आए।
पैसा अलग-अलग खातों से निकाला गया था।
कुछ रकम Muthoot Mini Nidhi से जुड़ी जमा में गई थी।
मौत से कुछ दिन पहले PNB खाते से एक बड़ी रकम निकाली गई थी।
लेकिन जिस जगह वह पैसा जमा होना था—
वह जमा ही नहीं हुआ।
अब मामला सिर्फ एक सड़क दुर्घटना नहीं रह गया था।
रेचल ने पुलिस से संपर्क किया।
उन्होंने अपने पिता के वित्तीय रिकॉर्ड में मिली गड़बड़ियों की जानकारी दी।
और यहीं से पुलिस ने उस केस को दोबारा देखना शुरू किया जिसे पहले लगभग एक साधारण hit-and-run माना जा चुका था।
जांचकर्ताओं ने घटनास्थल के आसपास के CCTV कैमरों को खंगालना शुरू किया।
मुख्य सड़क पर कैमरा नहीं था।
लेकिन सड़क के दूसरी तरफ एक घर में लगा कैमरा जांचकर्ताओं के लिए महत्वपूर्ण साबित हुआ।
फुटेज में वही नीली Wagon R दिखाई दी।
पुलिस ने आसपास के इलाके के 100 से अधिक CCTV फुटेज खंगाले।
धीरे-धीरे वाहन की पहचान की गई।
Wagon R हाशिफ अली के नाम पर पंजीकृत थी।
पूछताछ में पता चला कि उसने वाहन एनीमोन नाम के एक व्यक्ति को किराए पर दिया था।
एनीमोन का आपराधिक रिकॉर्ड भी पुलिस के सामने आया।
लेकिन असली कहानी अभी सामने नहीं आई थी।
क्योंकि पुलिस को सिर्फ यह पता लगाना था कि कार कौन चला रहा था।
उन्हें यह पता नहीं था कि—
कार और बैंक के बीच भी एक संबंध मौजूद था।
जब साइबर टीम ने कॉल रिकॉर्ड खंगाले, तो एक अजीब बात सामने आई।
पप्पाचंद की मौत के सिर्फ दो दिन बाद एनीमोन ने अपना SIM बदल लिया था।
एक सामान्य सड़क दुर्घटना के बाद कोई व्यक्ति अचानक अपना SIM क्यों बदलेगा?
पुलिस ने उसके पुराने और नए नंबरों की कॉल हिस्ट्री खंगाली।
और फिर एक नाम सामने आया—
सरिता।
Muthoot Mini की संबंधित शाखा की 46 वर्षीय Branch Manager।
सरिता और एनीमोन एक-दूसरे को पहले से जानते थे।
लेकिन पुलिस के लिए असली सवाल यह था—
एक बैंक मैनेजर और एक कथित habitual offender के बीच ऐसा क्या संबंध था?
और क्यों उनकी बातचीत पप्पाचंद की मौत के आसपास अचानक महत्वपूर्ण हो गई?
जवाब खोजने के लिए पुलिस को लगभग छह महीने पीछे जाना पड़ा।
क्योंकि पप्पाचंद की मौत अचानक पैदा हुई कोई घटना नहीं थी।
अगर जांच के आरोप सही थे, तो इसकी नींव—
महीनों पहले रखी जा चुकी थी।
