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Kollam Hit-and-Run Case — Chapter 3

अध्याय 3

भरोसे की कीमत

लगभग छह महीने पहले।

Muthoot Mini की शाखा में सरिता और फील्ड एग्जीक्यूटिव अनूप काम कर रहे थे।

उनका काम नए ग्राहकों को ढूंढना और उन्हें निवेश के लिए तैयार करना था।

इसी दौरान उनकी नजर पप्पाचंद पर पड़ी।

एक बुजुर्ग व्यक्ति।

अकेले रहते थे।

नियमित आय थी।

बड़ी संपत्ति थी।

Fixed Deposits थे।

Stock Market investments थे।

और सबसे महत्वपूर्ण—

उनकी वित्तीय स्थिति मजबूत थी।

सरिता कई बार पप्पाचंद के घर जाने लगीं।

बातचीत बढ़ी।

भरोसा बढ़ा।

उन्हें बेहतर returns और अधिक फायदे के बारे में बताया गया।

पप्पाचंद ने निवेश करना शुरू किया।

फरवरी 2024 में उन्होंने लगभग ₹36 लाख की Fixed Deposit Muthoot Mini Nidhi में एक साल के लिए की।

फिर और पैसा निवेश किया गया।

South Indian Bank और PNB खातों से रकम transfer हुई।

धीरे-धीरे Muthoot Mini में उनका कुल निवेश लगभग ₹80–90 लाख तक पहुंच गया, जैसा कि उपलब्ध स्रोत सामग्री में बताया गया है।

पप्पाचंद को शायद लग रहा था कि उनका पैसा सुरक्षित हाथों में है।

लेकिन जांच के अनुसार, पर्दे के पीछे कुछ और चल रहा था।

सरिता पर आरोप था कि उन्होंने पप्पाचंद की जमा राशि का इस्तेमाल उनके नाम पर rolling loans लेने के लिए किया।

पहले रकम छोटी थी।

लगभग ₹5 लाख।

वह वापस कर दी गई।

फिर दूसरा loan।

फिर तीसरा।

और धीरे-धीरे यह रकम ₹25 लाख से अधिक तक पहुंच गई।

लेकिन पप्पाचंद को कथित रूप से इसकी जानकारी नहीं थी।


फिर आया अप्रैल 2024।

पप्पाचंद ने अपने stock portfolio का बड़ा हिस्सा बेच दिया।

लगभग ₹50 लाख और निवेश किए गए।

अब उनकी जिंदगी भर की कमाई का बड़ा हिस्सा एक ही financial institution से जुड़ गया था।

लेकिन पप्पाचंद अपने पैसे को भूल जाने वाले व्यक्ति नहीं थे।

वह हिसाब रखते थे।

हर रकम।

हर deposit।

हर expected return।

और एक दिन—

हिसाब नहीं मिला।

कागज कुछ और कह रहे थे।

रकम कुछ और।

ब्याज का हिसाब भी ठीक नहीं बैठ रहा था।

पप्पाचंद ने सवाल किया।

उन्होंने सरिता से जवाब मांगा।

लेकिन कथित रूप से उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला।

इसके बाद उन्होंने संस्था के वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत की।

Internal investigation हुई।

और जांच में कथित रूप से पता चला कि पप्पाचंद अकेले नहीं थे।

कई वरिष्ठ नागरिक ग्राहकों के खातों में भी गड़बड़ियां सामने आईं।

कुछ मामलों में रकम वापस कर दी गई।

लेकिन पप्पाचंद की रकम बहुत बड़ी थी।

सरिता पर उसे settle करने का दबाव बढ़ने लगा।

अब उनके सामने सिर्फ नौकरी जाने का डर नहीं था।

उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई का खतरा भी था।

और अगर पप्पाचंद ने सब कुछ सार्वजनिक कर दिया—

तो कथित वित्तीय धोखाधड़ी सामने आ सकती थी।

यहीं से पुलिस के अनुसार कहानी ने सबसे खतरनाक मोड़ लिया।

पैसे वापस करने का रास्ता खोजने के बजाय—

पप्पाचंद को ही रास्ते से हटाने की कथित योजना बनाई गई।

लेकिन हत्या का फैसला करना आसान था।

उसे दुर्घटना जैसा दिखाना—

एक अलग चुनौती थी।

और उस चुनौती के लिए ऐसे लोगों की जरूरत थी जो यह काम कर सकें।

यहीं से कहानी में प्रवेश हुआ—

एनीमोन का।

Chapter 4 – Comming Soon

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